डुप्लीकेट एवं फर्जी मतदान पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के नगर पंचायत उपचुनावों में फेसियल रिकग्निशन सिस्टम का ऐतिहासिक पायलट कार्यान्वयन किया गया
उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर पंचायत उपचुनावों — कटरा (शाहजहाँपुर) एवं फाज़िलनगर (कुशीनगर) — में पायलट आधार पर फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की शुरुआत की है। स्थानीय निकाय चुनावों में इस प्रकार की तकनीक का यह पहला प्रयोग है। इस पहल का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, मतदाता प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) को रोकना तथा डुप्लीकेट मतदान पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
इस पायलट परियोजना के अंतर्गत 55 मतदान केंद्रों पर लगभग 50,000 पंजीकृत मतदाताओं को कवर किया गया। मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले मतदाता का फोटो एप्लिकेशन द्वारा तुरंत कैप्चर किया जाता है और उसे बूथ स्तर एवं केंद्रीय मतदाता डेटाबेस से रियल-टाइम में मिलान किया जाता है। यदि कोई मतदाता दोबारा मतदान करने का प्रयास करता है, तो सिस्टम तुरंत उस प्रयास को चिन्हित कर देता है तथा पूर्व मतदान का समय और स्थान सहित विवरण प्रदर्शित करता है।
इस तकनीक आधारित समाधान का डिजाइन एवं कार्यान्वयन श्री आशीष अग्रवाल, उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी (DDG & SIO), एनआईसी उत्तर प्रदेश के सक्षम मार्गदर्शन में किया गया। साथ ही, श्री शैलेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एवं विभागाध्यक्ष, एनआईसी उत्तर प्रदेश द्वारा निरंतर तकनीकी पर्यवेक्षण प्रदान किया गया।