इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी में एन.आई.सी. उ. प्र. के आलेख ‘ब्लॉकचेन तकनीक: वित्तीय सेवाओं के लिए एक दिशा परिवर्तक’ का चयन
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के द्वारा दिनांक 27.03.2026 को स्कोप कन्वेंशन सेंटर, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत ब्लॉक-चेन प्रौद्योगिकी में श्री आशेष अग्रवाल, उपमहानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, उ.प्र. द्वारा प्रस्तुत आलेख “ब्लॉकचेन तकनीक: वित्तीय सेवाओं के लिए एक दिशा परिवर्तक” का चयन हुआ। इस आलेख को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर श्री अग्रवाल द्वारा नामित अधिकारी श्री राजेश कुमार त्रिपाठी, व. निदेशक (आई.टी.) द्वारा पुरस्कार प्राप्त किया गया।
यह आलेख ब्लॉकचेन तकनीक को एक सुरक्षित, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत डिजिटल लेजर के रूप में प्रस्तुत करता है, जो वित्तीय सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह तकनीक बिना मध्यस्थ के तेज़, कम-लागत और छेड़छाड़-रहित लेन-देन, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और भरोसेमंद रिकॉर्ड प्रबंधन संभव बनाती है। भारत में RBI, SEBI और राज्य सरकारों द्वारा ब्लॉकचेन को अपनाने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए इसे भविष्य का “इंटरनेट ऑफ ट्रस्ट” बताया गया है। एन.आई.सी. द्वारा संचालित ब्लॉकचेन उत्कृष्टता केंद्र एक पारिस्थितिकी तंत्र की भांति कार्यरत है, जो विभिन्न परियोजनाओं के लिए समाधान एवं विकास में सहयोग कर रहा है।